ट्रैक्टर रैली : बैरिकेड तोड़ दिल्ली में घुसे किसान, पुलिस के लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोलों के बीच इंडिया गेट और लाल किला की ओर बढ़ने की कोशिश
ट्रैक्टर रैली के लिए किसानों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए। सिंघु बॉर्डर पर बचे हुए बैरिकेड को भी किसानों ने तोड़ दिया और फिर पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने बल का प्रयोग किया। किसानों पर लाठी चार्ज किया और आँसू गैस के गोले छोड़े। जानकारी आ रही है कि किसानों का ट्रैक्टर मार्च संयुक्त किसान मोर्चा के काबू से बाहर हो गया है और किसान अब बड़े नेताओं की सुनने को तैयार नहीं हैं।
● पूर्वा स्टार ब्यूरो
गणतंत्र दिवस पर किसान संगठनों की ट्रैक्टर रैली के बीच दिल्ली में कई जगहों पर बवाल शुरू हो गया है। जानकारी मिली है कि ITO से होकर किसानों की रैली लाल किला की ओर बढ़ने की लगातार कोशिश कर रही है, जिसे रोकने और किसानों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा आईटीओ पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं।
ट्रैक्टर रैली से पहले किसानों ने बैरिकेड तोड़कर दिल्ली में प्रवेश किया। आज सुबह सिंघु, टिकरी और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर बैरिकेड के तोड़े जाने की ख़बर आई तो सबकुछ सामान्य था। लेकिन इस बीच सिंघु बॉर्डर पर बचे हुए बैरिकेड को भी किसानों ने तोड़ दिया और फिर पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने बल का प्रयोग किया। किसानों पर लाठी चार्ज किया। पथराव की घटना भी हुई। इसमें पुलिस वाहन को नुक़सान पहुँचा। किसानों की रैली के संजय गाँधी ट्रांसपोर्ट नगर पहुँचने पर पुलिस ने आँसू गैस के गोले दागे और किसानों को तितर-बितर करने की कोशिश की। इस बीच कुछ ट्रैक्टर लाल किला तक पहुंचने में सफल भी हो गए हैं।

गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की आज ट्रैक्टर रैली हो रही है। दिए गए समय से पहले ही किसानों ने सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर बैरिकेड्स तोड़ दिए, जिसके कारण हंगामा मचा हुआ है। किसानों की इस रैली में किसान घोड़े पर बैठे नजर आए। जैसे ही बैरिकेड्स टूटे तो किसान घोड़ों पर सवार होकर दिल्ली में दाखिल हुए। इससे जुड़ा एक वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो को न्यूज एजेंसी एएनआई ने शेयर किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
दिल्ली पुलिस ने रविवार को ही किसानों को ट्रैक्टर रैली निकालने की सशर्त इजाजत दी है और माना जा रहा था कि राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड ख़त्म होने के बाद किसान रैली निकालेंगे। लेकिन तय समय से पहले ही किसान सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर पुलिस बैरिकेड तोड़कर दिल्ली में घुस गए। इसके साथ ही ट्रैक्टर रैली शुरू हो गई। किसान ट्रैक्टर पर तो हैं ही, पैदल भी मार्च कर रहे हैं।
सिंघु बॉर्डर पर इस झड़प से पहले सुबह जब पहली बार बेरिकेड तोड़े जाने की ख़बर आई थी तो उसमें क़रीब प्रदर्शन करने वाले 5000 से अधिक किसान शामिल थे। सिंघु बॉर्डर किसानों के प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र है। इसके बाद ख़बर आई कि प्रदर्शन करने वाले किसानों ने टिकरी बॉर्डर पर भी पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी है।
बॉर्डर से आई तसवीरों में देखा जा सकता है कि हज़ारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमा में घुस रहे हैं और बॉर्डर पर हंगामा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी दिल्ली में किसान नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को टिकरी सीमा पर हंगामे के बीच शांति बनाए रखने के लिए कहा है।
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी से लगे सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के कुछ समूह मंगलवार को पुलिस के अवरोधकों को तोड़कर दिल्ली में दाखिल हो गए। इसके बाद किसान काफी समय तक मुकरबा चौके पर बैठे, लेकिन फिर उन्होंने वहां लगाए गए बैरिकेड और सीमेंट के अवरोधक तोड़ने की कोशिश की। किसानों के समूह पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां भी चार्ज कीं।
