कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का निधन, पार्थिव देह रायपुर से दुर्ग रवाना, आज होगा अन्तिम संस्कार

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कोरोना वायरस संक्रमण के बाद हुई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा को दिल्ली के ओखला स्थित एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। बीते अक्टूबर माह में वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। एक दिन पहले ही उन्होंने अपना 93वां जन्मदिन मनाया था।

● पूर्वा स्टार ब्यूरो 

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का कोरोना वायरस संक्रमण के बाद हुई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण सोमवार को निधन हो गया। वह 93 साल के थे। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि यूरिनरी इंफेक्शन के बाद उन्हें दिल्ली में ओखला स्थित एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था, जहां वह वेंटिलेटर पर थे। सोमवार को उनका निधन हो गया। रविवार (20 दिसंबर) को ही वोरा का जन्मदिन था। उनका अंतिम संस्कार छत्तीसगढ़ में किया जाएगा। वह गत अक्टूबर महीने में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और कई दिनों तक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती रहने के बाद उन्हें छुट्टी भी मिल गई थी।

तस्वीर रायपुर की है। कांग्रेस भवन से नम आंखों के साथ मोतीलाल विदा किए गए।

मंगलवार की दोपहर विशेष विमान से मोतीलाल वोरा का पार्थिव शरीर रायपुर लाया गया। एयरपोर्ट से कांग्रेस नेता सीधे शंकर नगर स्थित कांग्रेस दफ्तर पहुंचे। यहां बड़ी तादाद में पार्टी नेता और सरकार के मंत्रियों ने मोतीलाल वोरा को अंतिम नमन किया। कुछ देर तक यहां चले दर्शन कार्यक्रम के बाद पार्थिव शरीर अब दुर्ग के लिए रवाना कर दिया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने इस दौरान कांधा दिया। छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों की टुकड़ी ने रायपुर में गार्ड ऑफ ऑनर देकर वरिष्ठ राजनेता को आखिरी सलाम किया।

नमन…मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मोतीलाल वोरा को याद करते हुए कहा था बाबूजी ने मुझे राजनीति का ककहरा सिखाया।

केंद्रीय नेतृत्व में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में मोतीलाल वोरा के अंतिम दर्शन किए थे। सोनिया गांधी ने अपने प्रतिनिधि के रूप में मुकुल वासनिक और हरीश रावत को भेजा है। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमल नाथ, पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के भी रायपुर आने की बातें सामने आ रही हैं।

रायपुर के राजीव भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद, मोतीलाल वोरा को अंमित विदाई

वह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के अलावा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ( 26 मई 1993 से 3 मई 1996 तक) पद पर भी रह चुके थे। वोरा 1980 के दशक में दो बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और 1990 के दशक में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रहे। केंद्र में पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में उन्होंने स्वास्थ्य और नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में भी सेवा दी। कांग्रेस पार्टी में वे नरसिम्हा राव, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के विश्वासपात्रों में शामिल थे। उन्होंने करीब दो दशकों तक कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और संगठन में कई अन्य जिम्मेदारियां निभाईं।

वोरा ने अपने पांच दशकों से अधिक के राजनीतिक जीवन में पार्टी और सरकार में कई अहम भूमिकाओं का निर्वहन किया। वह इस साल अप्रैल तक राज्यसभा के सदस्य रहे। हाल ही में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा किए गए हालिया फेरबदल से पहले वह एआईसीसी के महासचिव थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य नेताओं ने मोतीलाल वोरा के निधन पर शोक जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया, ‘मोतीलाल वोरा जी उन वरिष्ठतम कांग्रेसी नेताओं में से थे, जिनके पास दशकों का व्यापक प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव था। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोतीलाल वोरा के निधन पर शोक जताया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके निधन पर दुख प्रकट करते हुए ट्वीट किया, ‘वोरा जी एक सच्चे कांग्रेसी और बेहतरीन इंसान थे। हमें उनकी कमी बहुत महसूस होगी। उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरा स्नेह एवं संवेदना है।’

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वोरा के निधन पर दुख जताते हुए कहा, ‘मोतीलाल वोरा जी के निधन से कांग्रेस पार्टी के हर एक नेता, हर एक कार्यकर्ता को व्यक्तिगत तौर पर दुख महसूस हो रहा है। वोरा जी कांग्रेस की विचारधारा के प्रति निष्ठा, समर्पण और धैर्य के प्रतीक थे।’ उन्होंने कहा, ‘92 साल की उम्र में भी हर बैठक में उनकी मौजूदगी रही, हर निर्णय पर उन्होंने अपने विचार खुलकर प्रकट किए। आज दुख भरे दिल से उन्हें अलविदा कहते हुए यह महसूस हो रहा है कि परिवार के एक बड़े बुजुर्ग सदस्य चले गए हैं। हम सब उन्हें बहुत याद करेंगे।’

कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी वोरा के निधन पर दुख प्रकट किया। मोतीलाल वोरा का जन्म 20 दिसंबर 1927 को राजस्थान के नागौर जिले में हुआ था। उनकी पढ़ाई-लिखाई रायपुर और कोलकाता में हुई थी। उनकी चार बेटियां और दो बेटे हैं। उनके एक बेटे अरुण वोरा छत्तीसगढ़ के दुर्ग से विधायक हैं। वोरा ने कई वर्षों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने के बाद 1968 में राजनीति में प्रवेश किया था।

दुर्ग में प्रशासन जुटा व्यवस्था संभालने में

रायपुर में से दोपहर बाद पार्थिव देह दुर्ग के लिए रवाना हो चुकी है। दुर्ग जिला प्रशासन इसके लिए तमाम व्यवस्थाएं कर रहा है। दुर्ग में मोतीलाल वोरा की अंतिम यात्रा पद्मनाभपुर से मुक्तिधाम शिवनाथ नदी ऐनीकट के तक जायेगी। कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे खुद सभी व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। रायपुर से मुख्यमंत्री समेत कई वीआईपी दुर्ग के कार्यक्रम में शामिल होंगे।सुरक्षा के लिहाज से भी तमाम उपाय किए जा रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता और मोतीलाल वोरा के समर्थकों की भीड़ जुटने की संभावना की वजह से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जा रही है। इस दौरान महाराजा चौक से जेल तिराहा नगर चौक से तक की सड़क आम लोगों के लिए बंद रहेगी। प्रशासन ने लोगों के लिए रूट की जानकारी जारी की है। 

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