महीने का 70 हजार किराया सुन विधायक ने लौटाई लग्जरी कार, कहा- पुरानी से ही चलेंगे

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रायपुर। सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर नेताओं पर हमेशा सवाल उठते हैं। इससे इतर भिलाई से कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने अलग मिसाल पेश की है। सरकारी खर्च पर मिले लग्जरी वाहन को लौटाने की वजह से छत्तीसगढ़ के भिलाई से कांग्रेस विधायक अरुण वोरा इन दिनों सुर्खियों में हैं। दरअसल, विधायक अरुण वोरा को छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया गया है। कार्यभार संभालने के बाद कार्पोरेशन के अधिकारियों ने उनके लिए सरकारी खर्चे पर एक लग्जरी कार किराए पर ली। कार में बैठने के बाद उन्होंने अफसरों से उसका किराया पूछा। अफसरों ने बताया 70 हजार रुपए महीना। किराया सुनते ही अरुण वोरा तुरंत कार से उतर गए और कहा कि पुरानी ही ठीक है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले दिनों वे रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के ऑफिस में काम संभालने पहुंचे थे। पदभार ग्रहण करने के बाद वह बाहर निकले, तो उनके लिए कार खड़ी थी। उसके बाद अधिकारियों ने उनसे कहा कि यह कार आपके आने-जाने के लिए हैं। उसके बाद वह कार में सवार हुए। मौके पर मौजूद अफसरों से कहा कि इसकी ऊंचाई अधिक है।

अफसरों ने उनसे आग्रह किया कि आप थोड़ी देर के लिए नीचे उतरिए। 5 मिनट में दूसरी कार की व्यवस्था हो जाएगी। कुछ देर बाद वहां दूसरी लग्जरी कार पहुंच गई। उसके बाद अधिकारियों ने कहा कि ये कार आपके लिए मंगवाई है। कार में बैठने के बाद उन्होंने फिर से सवाल किया कि यह कार किसकी है।

अफसरों ने उन्हें बताया कि यह किराए की गाड़ी है। यह सुनते ही वह हैरान रह गए। फिर खर्चे के बारे में उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली। अधिकारियों ने विधायक अरुण वोरा को बताया है कि इसका किराया हर महीने 70 हजार रुपये हैं। इसमें डीजल से लेकर ड्राइवर तक का वेतन शामिल है।

किराया सुनने के बाद विधायक अरुण वोरा गाड़ी से उतर गए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इससे अच्छी पुरानी ही कार है। कार को लौटा दीजिए। फिर ढाई साल पुरानी कार पर ही सवार होकर निकल गए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि मैंने साल भर का किराया सोचा, उसके बाद नीचे उतर गया। हम छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के खर्च को कम करेंगे। अरुण वोरा पूर्व सीएम मोतीलाल वोरा के पुत्र हैं। 

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