फिर मिशन मून की तैयारी में इसरो
जापान के साथ चांद के ध्रूवीय क्षेत्र से लाएगा सैंपल
भारत के महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान 2 के लैंडर विक्रम का संपर्क भले ही चांद की सतह से केवल 2.1 किलोमीटर की दूरी पर टूट गया हो, लेकिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र ‘इसरो’ के हौसले अब भी बुलंद हैं। इसरो अब चांद पर पहले से बेहतर और बड़े मिशन ‘चांद के धु्रवीय क्षेत्र से सैंपल लाने’ की तैयारी में है। चांद के ध्रुवीय क्षेत्र में शोध के इस मिशन को इसरो जापान की स्पेस एजेंसी एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जाक्सा) के साथ मिलकर अंजाम देगी। इसरो ने एक बयान में कहा, ‘इसरो और जाक्सा के वैज्ञानिक चांद के ध्रुवीय क्षेत्र में शोध करने के लिए संयुक्त सैटेलाइट मिशन की संभावना पर विचार कर रहे हैं। भारत और जापान के बीच संयुक्त मून मिशन को लेकर 2017 में मल्टी स्पेस एजेंसियों की बेंगलुरु में हुई बैठक के दौरान पहली बार बातचीत हुई थी। इसरो और जाक्सा का संयुक्त मिशन 2024 में शुरू किया जाएगा। इससे पहले भारत 2022 में अपने प्रस्तावित गगनयान मिशन को पूरा करेगा, जिसके तहत मानव को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
