सुभाष-नेहरु : याद करेगी दुनिया, तेरा मेरा अफसाना..

ये लाइन फिल्मी जरूर है, मगर सुभाष और नेहरू का अफसाना किसी फ़िल्म की कथा से कम नही। ये दो युवा, दो जुदा शख्सियतें, जिनकी राहें भी जिंदगी अलग कर गयी, मगर जीवन की अंतिम सांस तक वह मित्रभाव और म्युचुअल रिस्पेक्ट बना रहा। ● मनीष सिंह  गांधी के युग की शुरुआत होते ही कांग्रेस […]

राष्ट्र ध्वज, राष्ट्रगीत के मायने सबके लिए एक क्यों नहीं रह गए हैं?

पिछले 6 वर्षों में न तो राष्ट्र ध्वज और न राष्ट्रगीत के मायने इस देश में सबके लिए एक रह गए हैं। एक पूरी आबादी को अपमानित करने के हथियार के तौर पर इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी वजह बता रहे हैं लेखक अपूर्वानंद। ● अपूर्वानंद  ‘‘राष्ट्रगीत में भला कौन वहभारत-भाग्य-विधाता हैफटा सुथन्ना […]

मीडिया अर्णब को नहीं, अपने संरक्षक को बचाने के लिए चुप है!

अर्णब सिर्फ़ एक न्यूज़ एंकर नहीं है। वह एक समाज है। अर्णब के झूठ को देखने और दिन रात गटकने वाला समाज अर्णब बन चुका है। उस समाज की सोच में अर्णब और अर्णब के संरक्षक के फ़र्क़ की सीमा रेख मिट चुकी है। उसके लिए संरक्षक ही अर्णब है और अर्णब ही संरक्षक है। […]

तांडव पर ‘तांडव’ किसान आंदोलन और ‘अर्णवगेट’ से ध्यान बँटाने की कोशिश है

अर्नव गोस्वामी के लीक व्हाट्सएप चैट से जो सनसनीखेज खुलासे हुए हैं और सोशल मीडिया पर बालाकोट और पुलवामा को लेकर जो मैसेज तेजी से वायरल हो रहे हैं उस पर सरकार व बिकी हुई मीडिया मौत सी खामोशी ओढ़ चुकी है। राजधानी दिल्ली के बार्डर्स पर 55 दिन से जारी किसान आंदोलन को लेकर भी मीडिया का […]

देश को बदल सकता है किसान आंदोलन!

पचास से ज्यादा दिन हो गए, भारी ठंड सहते हुए लाखों किसान नए बने तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए राजधानी दिल्ली के बार्डर्स पर जमे हैं। क्या किसानों का आंदोलन सिर्फ तीन कानूनों की वापसी के लिए भर है। दरअसल, किसान आंदोलन हकीकत में आर्थिक मुद्दे पर आधारित है। किसानों को उनकी […]

राजा भी ग़लती करते हैं, हिटलर के पास भी था बहुमत!

देश की सर्वोच्च अदालत ने विवादस्पद कानूनों की जांच-परख के लिए समिति का गठन करके इतना तो मान ही लिया है कि सरकारें ‘फूल प्रूफ’ नहीं होती हैं। हुक्मरानों में खामियाँ होती हैं और वे ग़लती या अपराध भी करते हैं। ● रामशरण जोशी पुरानी  कहावत है “राजा  कभी ग़लती नहीं करता है। (king commits no […]

तिरंगा लहराते किसानों को आतंकवाद से जोड़ आग से खेल रही है सरकार

जनता की एकजुटता में एक ताकत होती है। उसी ताकत ने भूपिंदर सिंह मान को कोर्ट की बनाई कमेटी से अलग होने को मजबूर किया है। ये ताकत पंजाब के अलावा देश भर के किसानों के बीच और मजबूत हो रही है। इस ताकत का सम्मान कीजिए और इसकी बात सुनिए। ताकत का सही इस्तेमाल […]

सुप्रीम कोर्ट की बनायी कमेटी कहीं किसान आंदोलन को बेमौत मारने की चाल तो नहीं!

सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन कृषि कानूनों को लेकर आन्दोलकारी किसानों और सरकार के बीच डेढ़ महीने से जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए बनायी गयी कमेटी में भूपिंदर सिंह मान, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी और अनिल धनवट शामिल हैं। इनमें से तीन पहले से ही विवादित कृषि कानूनों के पक्ष में राय दे […]

लोकतंत्र के लिए ही नहीं मानव सभ्यता के लिये भी खतरा हैं ट्रंप डिजाइन के लोग!

ट्रंप केवल एक व्यक्ति नहीं टाइप है। यह हमारे समय की खासियत है कि दुनिया भर में कुछ लोग ट्रंप डिजाइन के लोगों को हीरो ऑफ अवर टाइम मानने लगे हैं। इस डिजाइन के लोग केवल लोकतंत्र के लिए ही नहीं, मानव सभ्यता मात्र के लिये खतरा हैं, क्योंकि वे ऐसे माइंडसेट का निर्माण करते […]

आखिर किसान क्या चाहते हैं जो सरकार उन्हें नहीं देना चाहती?

● अनिल जैन केंद्र सरकार के बनाए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसानों के असंतोष ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। अपना विरोध जताने को दिल्ली पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे किसानों को रोकने के लिए पहले तो सरकार ने कड़ाके की सर्दी में पानी की बौछारों और आंसू […]

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