किसान आन्दोलन से जुड़ने दिल्ली पहुँच रही हैं 40 हज़ार महिलाएं

पंजाब के अलग-अलग इलाक़ों से तकरीबन 40 हज़ार महिलाएं इस आन्दोलन में भाग लेने के लिए आ रही हैं, वे ट्रैक्टरों, बसों और मिनी-बसों में बैठ कर अपने-अपने गाँवों से कूच कर चुकी हैं या करने वाली हैं। ● पूर्वा स्टार ब्यूरो कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली के पास पिछले तीन महीने से चल रहे […]

डीजल-पेट्रोल के बढ़े दाम पर संसद में हंगामा, राज्यसभा स्थगित

संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा आज ज्यों ही शुरू हुआ, डीजल पेट्रोल की बढ़ती क़ीमतों को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस के सांसद डीजल-पेट्रोल की बढ़ी क़ीमतों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। ● पूर्वा स्टार ब्यूरो संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा आज ज्यों ही शुरू हुआ, […]

सब कुछ एक जैसा ही क्यों हो!

इस देश की प्रकृति में कहीं भी एकरूपता नहीं है। उत्तर में पहाड़ हैं, पश्चिम में रेगिस्तान, दक्षिण में समुद्र है और पूर्व तक फैला विशाल उपजाऊ मैदान। सैकड़ों दो-आबे हैं। यहाँ हर एक की आस्था भिन्न है, बोली अलग है और कई बार तो परस्पर विपरीत भी है। तब कैसे किसी एक सार्वभौमिक संस्कृति की बात […]

कारवाँ रिपोर्ट : क्या पत्रकार ही पत्रकार के दुश्मन बन गए?

डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया पर लाई गई सरकारी गाइडलाइंस से पहले मंत्रियों के समूह की बैठक क्यों हुई और उसमें क्या-क्या हुआ था? क्या मीडिया को नियंत्रित करने के लिए यह सब किया गया?  ● पूर्वा स्टार ब्यूरो  क्या निष्पक्ष पत्रकारिता करना गुनाह है? क्या आलोचनात्मक रिपोर्टिंग करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है? […]

टाइम मैगज़ीन के कवर पर महिला किसान, लिखा- ‘डर नहीं सकती’

किसान आंदोलन में नेतृत्व करने वाली महिला किसान इस बार टाइम मैगज़ीन के कवर पेज पर जगह पाई हैं। मैगज़ीन ने फ़ोटो का शीर्षक दिया है- ‘भारत के किसान आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में’। ● पूर्वा स्टार ब्यूरो  देश की राजधानी दिल्ली के बार्डर्स पर पिछले 100 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन में नेतृत्व […]

एक शताब्दी पहले के मुजारा आंदोलन में अपनी जड़े तलाशता मौजूदा किसान आंदोलन

● संगीत तूर “मुजारों ने बिस्वेदरी प्रणाली के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मौजूदा आंदोलन कारपोरेट पूंजीवाद के खिलाफ है,” पंजाब के मनसा जिले के बीर खुर्द के किसान किरपाल सिंह बीर ने मुझे बताया। 1920 के दशक में जब पंजाब का बंटवारा नहीं हुआ था, पट्टेदार किसानों ने राजाओं, जमींदारों और ब्रिटिश अधिकारियों से भूमि स्वामित्व […]

इंसानियत के पानी की ज़रूरत अब गुजरात के बाहर भी!

2002 की हिंसा ने गुजरात में विभाजन मुकम्मल कर दिया। इस हिंसा ने हम जैसे बहुत से ग़ैर गुजरातियों का परिचय गुजरात से करवाया। गुजरात में जो हो रहा था, वह हमारे राज्यों में नहीं हो सकता, इस खुशफहमी में भी हम काफ़ी वक़्त तक रहे। ● अपूर्वानंद बीसवें साल की शुरुआत। 2002 से 2021। […]

भारत में 2014 के बाद से कम हुई नागरिक आजादी! क्या भारत फिर से गुलामी की ओर है?

अमेरिकन संस्था ‘फ्रीडम हाउस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लोगों की आजादी पहले से कम हुई है। रिपोर्ट में लिखा है कि भारत एक ‘स्वतंत्र’ देश से ‘आंशिक रूप से स्वतंत्र’ देश में बदल गया है। ‘पॉलिटिकल फ्रीडम’ और ‘मानवाधिकार’ को लेकर तमाम देशों में रिसर्च के बाद जारी रिपोर्ट में साफ लिखा […]

किसान आंदोलन के नये राग और सरकार की बढ़ती मुश्किलें

मौजूदा किसान आंदोलन में नितांत नए राग के रूप में अंकित हो गए स्वरों ने किसान आंदोलन की परिधि को खेत और गाँव से विस्तार देकर शहरों तक खींच दिया है। इन नए स्वरों ने किसान आंदोलन के करघे में मज़दूर एकता का नया धागा बुन डाला है। यह न केवल बीजेपी की आर्थिक नीतियों के विरुद्ध ऐसा ‘यलगार’ […]

बंगाल : कांग्रेस-लेफ़्ट की कोलकाता रैली में जुटी भीड़ ने सियासी पंडितों को चौंकाया, टीएमसी, बीजेपी की पेशानी पर बल

● पूर्वा स्टार ब्यूरो मेनस्ट्रीम मीडिया में पश्चिम बंगाल के चुनाव को बीजेपी बनाम टीएमसी दिखाए जाने के बीच कांग्रेस और वाम दलों (लेफ़्ट) ने रविवार को कोलकाता में रैली कर जहां सियासी पंडितों को चौंकाया है वहीं अपने सियासी वजूद का अहसास कराया। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुई इस रैली में अच्छी-खासी भीड़ जुटी […]

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