संविधान में ‘समाजवाद’ और ‘पंथनिरपेक्षता’ लिखने के मायने और उसपर मड़राता खतरा!

जब कोई कहता है कि डॉ.आंबेडकर संविधान में पंथनिरपेक्षता जोड़ने के ख़िलाफ़ थे तो यह ज़रूर पूछा जाना चाहिए कि तो क्या वे बीजेपी और आरएसएस की तरह तरह हिंदू राष्ट्र चाहते थे? दिलचस्प बात यह है कि इस मामले मे डॉ.आंबेडकर और नेहरू के लगभग समान विचार थे। नेहरू जहां हिंदू राष्ट्र का मतलब […]

आरएसएस के मुखपत्र में लिखा था- संविधान में कुछ भी भारतीय नहीं!

भारत का संविधान 26 नवम्बर 1949 को को बनकर तैयार हुआ और ठीक 2 महीने बाद 26 जनवरी 1950 को लागू होने के साथ ही हमारा देश गणतंत्र देश घोषित हो गया। इस वक्त देश में आरएसएस के राजनीतिक प्रकोष्ठ भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में लगातार दूसरी बार और कई राज्यों में सरकार है। ऐसा माना […]

26 जनवरी ही क्यों बना गणतंत्र दिवस ?

● सतीश कुमार  यह सवाल बाज दफ़ा कुछ लोग पूछ बैठते हैं कि आखिर 26 जनवरी ही गणतंत्र दिवस की तिथि क्यों बनी ? सहज ही यह सवाल आ खड़ा होता है कि जब संविधान सभा 26 नवंबर 1949 को अपनी अंतिम बैठक में संविधान निर्माण कार्य पूर्ण कर चुकी थी तब दो महीने प्रतीक्षा […]

बुरे दौर में ऑटो इंडस्ट्री

आर्थिक मंदी की वजह से ऑटो इंडस्ट्री बुरे दौर से गुजर रही है। ऑटो कंपनियों के संगठन- सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) के आंकड़ों के मुताबिक जून महीने में कारों की घरेलू बिक्री भी 24.97 फीसदी घटी है। जून में यह आंकड़ा 1,39,628 यूनिट्स का रहा, जो पिछले साल जून में 1,83,885 यूनिट था। […]

बदहाल अर्थ व्यवस्था को जोर का झटका

‘मर्ज बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की’ वाली हालत बन गई है भारतीय अर्थ व्यवस्था की। पहले से ही संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था को 2019-२० की पहली तिमाही में जोरदार झटका लगा है। ग्रोथ रेट इस तिमाही में घटकर 5 फीसदी के नीचे पहुंच चुकी है। निवेश और मांग में कमी के चलते ऐसा हुआ […]

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