कांग्रेस नेताओं को जमानत, कोर्ट ने कहा- लोकतंत्र में आन्दोलन का सबको अधिकार

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● यशवंत कुमार पांडेय – पूर्वा स्टार ब्यूरो

गोरखपुर। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के होर्डिंग पर कालिख पोतने के आरोपी कांग्रेस नेताओं को आज जमानत मिल गई। बेल पर बाहर निकले नेताओं को कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से लाद दिया और नारों से स्वागत किया। 

इसके पहले दोपहर बाद करीब दो बजे सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ कोतवाली पुलिस महानगर कांग्रेस अध्यक्ष आशुतोष तिवारी, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अभिजित पाठक, यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुमित पांडेय और अनुसूचित प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अमित कनौजिया को लेकर कोर्ट पहुंची। पुलिस की भारी मौजूदगी से कोर्ट परिसर छावनी बना नजर आ रहा था।

पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को सीजीएम की कोर्ट में पेश किया। जहां पहले से ही वरिष्ठ अधिवक्ता मधुसूदन त्रिपाठी के नेतृत्व में अनूप कुमार मिश्रा, कमल श्रीवास्तव, विजेंद्र तिवारी समेत दर्जनों अधिवक्ता मौजूद थे। पुलिस ने कोर्ट से नेताओं की रिमांड मांगी जिसका कड़ा प्रतिरोध करते हुए अधिवक्ता मधुसूदन त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं पर राजनैतिक दबाव में मुकदमा दर्ज किया गया है जो खारिज होने योग्य है। उन्होंने कहा कि जब शहर में धारा 144 नहीं लगी है तो किसी के ऊपर 188 कैसे लगाया जा सकता है। त्रिपाठी ने कोर्ट से कहा कि क्या लोकतंत्र में आन्दोलन की मनाही है? क्या सभी लोग मोदी की जयकार करने को विवश हैं? उनकी दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं को जमानत दे दी और अगली सुनवाई के लिए 6 मार्च की तिथि नियत की।

जमानत के बाद कोर्ट से बाहर आकर महानगर अध्यक्ष आशुतोष तिवारी, युवा कांग्रेस के नेताओं सुमित पांडेय व अभिजित पाठक और अमित कनौजिया ने कहा कि बीजेपी सरकार लाठी गोली और जेल का भय दिखाकर नागरिकों को आंदोलन से रोकना चाहती है पर वह भूल रही है कि यह वो हिन्दुस्तान है जहां दुनिया की सबसे ताकतवर व जुलुमी बरतानिया हुकूमत नहीं टिक सकी। फिर बीजेपी की क्या बिसात है। कांग्रेस के सिपाही किसी दमन उत्पीड़न से डरने वाले नहीं हैं। फर्जी मुकदमें लगाकर हमारी आवाज दबाई नहीं जा सकती। सरकार के गलत नीतियों, भ्रष्टाचार, महंगाई का विरोध जारी रहेगा।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व गोरखपुर के प्रभारी त्रिभुवन नारायण मिश्र, जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, वरिष्ठ नेता डॉ. विजाहत करीम, आलोक शुक्ल, अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद जोजफ, पूर्व महानगर अध्यक्ष अरुण अग्रहरी, महेंद्र मोहन तिवारी, विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री राजेश तिवारी, राजीव गांधी स्टडी सर्किल के गोरखपुर समन्वयक डॉ. प्रमोद कुमार शुक्ल, महानगर उपाध्यक्ष रोहन पांडेय , श्याम शरन श्रीवास्तव, अनुराग पांडेय, प्रणव उपाध्याय, जितेन्द्र विश्वकर्मा, दिलीप निषाद, प्रभात चतुर्वेदी, जिला उपाध्यक्ष जितेन्द्र पांडेय, तौकीर आलम, राजेन्द्र यादव, उदयवीर सिंह, रहमान साहब, एनएसयूआई के योगेश सिंह, अंकित पांडेय, महिला कांग्रेस की सोनिया शुक्ला, प्रेमलता चतुर्वेदी, कुसुम पांडेय, निर्मला वर्मा, पूनम मिश्रा, स्नेहलता गौतम, बादल चतुर्वेदी, ललित निषाद, प्रमोद जोजफ, शैलेंद्र वल्लभ पांडेय, अमित त्रिपाठी, कालन्जय त्रिपाठी, धर्मेंद्र सिंह, असलम परवेज, मदन कुमार त्रिपाठी, अनवर हुसैन, राजीव सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता-कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

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