‘जय जवान-जय किसान’ अभियान के जरिये किसान आन्दोलन को मजबूती देगी कांग्रेस, अपनी जड़ें भी जमाएगी

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विवेक कुमार श्रीवास्तव/गरिमा सिंह

लखनऊ। राजधानी दिल्ली के बार्डर्स पर ढाई महीने से ज्यादा समय से चल रहे किसान आन्दोलन को और ज्यादा मजबूती देने के लिए यूपी कांग्रेस राज्य भर में जय जवान-जय किसान अभियान चलाने जा रही है। 10 फरवरी से 22 फरवरी तक इस अभियान में सूबे के सभी तहसीलों व ब्लाकों में किसानों की रैली कर केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनों की खामियां बताई जाएगी। राज्य के पश्चिमी हिस्से में जहां किसान आन्दोलन का प्रभाव ज्यादा है, इसे लेकर सरगर्मी तेज हो गई है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन की जमीन काफी मजबूत है। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ समेत कई जिलों में किसान आंदोलन का तीखा प्रभाव है। सैकड़ों गांवों के लोग रोजाना ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर आते जाते रहते हैं। इन जिलों के किसानों की भारी भीड़ ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर जमी हुई है। कांग्रेस के लिए पश्चिमी यूपी पहले से ही मजबूत जमीन रही है। कई बड़े कांग्रेसी नेता पश्चिमी यूपी की राजनीति में मजबूत दखल रखते हैं। कांग्रेस इस अभियान से किसान जातियों खासकर हिन्दू मुस्लिम जाटों और गुर्जरों में मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए कांग्रेस ने इन जिलों के गांव-गांव में किसान आंदोलन की रूपरेखा तय कर ली है। 

पश्चिमी यूपी और तराई में मजबूती से चलेगा अभियान

कांग्रेस ने इस अभियान के तहत उन जिलों को प्राथमिक तौर पर टारगेट किया है जहां पर मजबूत किसान राजनीति का आधार रहा है। साथ ही साथ इन जिलों में किसान आन्दोलन का अच्छा खासा प्रभाव रहा है। सहारनपुर, शामली, मुज़फ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, फीरोजाबाद, बदायूं, बरेली, रामपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई समेत 27 जिलों में जय जवान जय किसान अभियान मजबूती से शुरू हो रहा है। 

पूर्वांचल में भी चलेगा अभियान

मुख्यमंत्री का गढ़ माने जाने वाले पूर्वी उत्तर प्रदेश में जहां किसान आन्दोलन बेहद कमजोर स्थिति में है, जय जवान-जय किसान अभियान के जरिये कांग्रेस लोगों को कृषि कानून की खामियां बताकर आन्दोलन के लिए तैयार करेगी। पूर्वी यूपी में 12 फरवरी से 22 फरवरी तक ब्लाक स्तरीय किसान सम्मेलन करने की पार्टी ने तैयारी की है।

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विश्वविजय सिंह ने बताया कि यूपी कांग्रेस ने ब्लॉक कमेटी और न्यायपंचायत स्तर पर बैठकों और संगठन तैयार करने का एक दौर पूरा कर लिया है। राज्य कांग्रेस ने न्यायपंचायत स्तर पर करीब तीस हजार प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार कर ली है जिनके जरिये अपने अभियानों और कार्यक्रमों को मजबूती से लेकर जनता के बीच जाएंगे। पिछले दिनों विधानसभा वार पदयात्रा में संगठन की ताकत दिखी थी।

प्रियंका गांधी समेत वरिष्ठ नेता होंगे शामिल

‘जय जवान-जय किसान अभियान’ में कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी समेत देश के कई बड़े नेता शामिल होंगे। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री, वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, हरेंद्र मलिक, इमरान मसूद, राजबब्बर, एमएलसी दीपक सिंह, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राकेश सचान, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप आदित्य जैन, सचिन पायलट, रणदीप सुरजेवाला, हार्दिक पटेल, नवजोत सिंह सिद्धू, दीपेंद्र हुड्डा, मीम अफजल, बेगम नूर बानों, पीएल पुनिया, प्रदीप माथुर, राशिद अल्वी, इमरान मसूद, बॉक्सर विजेंदर सिंह, जाने माने शायर इमरान प्रतापगढ़ी, पंकज मलिक, विश्वेंद्र सिंह, प्रवीण एरन, आचार्य प्रमोद कृष्णन, जफर अली नकवी, अरुण यादव, आरके चौधरी, विनोद चतुर्वेदी, विवेक बंसल, सर्वराज सिंह, आरपीएन सिंह, मो. मुकीम, संजय कपूर, हफीजुर्रहमान, युसुफ अली तुर्क, गजराज सिंह, राजकुमार वेरका और मुहम्मद जावेद समेत कई बड़े नेता जिलावार कार्यक्रमों में शामिल होंगे। साथ ही साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा विभिन्न जिलों में हिस्सा लेंगी। 

कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सहारनपुर में 10 फरवरी को जय जवान जय किसान अभियान के लिए नाकुड़ तहसील में महासचिव प्रियंका गांधी पहुंच रही हैं। गौरतलब है कि महासचिव प्रियंका गांधी पिछले दिनों रामपुर के बिलासपुर के शहीद किसान नवरीत सिंह के अंतिम अरदास में पहुंची थीं। प्रियंका ने अंतिम अरदास में कहा था कि सरकार को हरहाल में किसान विरोधी कानून वापस लेना ही होगा। शहीद हुए किसानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। 

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